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Thursday, April 12, 2012

Bhajan : ओ३म् भू: ओ३म् भू: ओ३म् भू: ओ३म् भू:

ओ३म् भू: ओ३म् भू: ओ३म् भू: ओ३म् भू: |

मैने पूछा पपीहा से हे पपीहा |
तेरा किसके विरह मे तङपे जिया ||
है लगन मे मगन दिल किसको दिया |
पीपी करता बता तेरा कौन पिया ||

बोला ईश्वर वही मेरा प्यारा प्रभू |  
ओ३म् भू: ओ३म् भू: ओ३म् भू: ओ३म् भू:  ||

वही  आकाश धन गिरि श्रंगो मे है |
वही ताल तडाग विहगो मे है ||
वही सिंधु की ताल तरंगो मे है |
वही रमा हुआ सब रंगो मे है ||

फूलो मे बसे उसकी खुशबू |
ओ३म् भू: ओ३म् भू: ओ३म् भू: ओ३म् भू:  ||

भक्ति रस मे दयानन्द ऐसे बहे |
आजन्म अखंङ ब्रह्मचारी रहे ||
धर्म रक्षा के हित लाखो संकट सहे |
जाते जाते भी ऋ्षि यों कहते गये ||

तेरी इच्छा हो पूरण प्यारे प्रभू |
ओ३म् भू: ओ३म् भू: ओ३म् भू: ओ३म् भू: ||                     

Wednesday, December 7, 2011

Bhajan: भरोसा कर तू ईश्वर पर...

भरोसा कर तू ईश्वर पर |
तुझे धोखा नही होगा ||
 
ये जीवन बीत जायेगा |
तुझे रोना नही होगा ||
 
कभी दु:ख है कभी सुख है |
यह जीवन धूप छाया है ||
 
हसीँ में ही बिता डालो |
बितानी ही यह माया है ||
 
जो सुख आये तो हँस लेना |
जो दु:ख आये तो सह लेना ||
 
ना कहना कुछ कभी जग से |
प्रभू से ही तू कह लेना ||
 
वे कुछ भी तो नही जग में |
तेरे बस कर्म की माया ||
 
तू खुद ही धूप में बैठा |
लखे निज रूप की छाया ||
 
कहाँ यह था, कहाँ तू था |
कभी तो सोच ओ बन्दे ||
 
झुका कर शीश को कह दे | 
प्रभू वन्दे प्रभू वन्दे   ||